सहस्रधारा: पांच साल में नहीं बनी सड़क, पत्थरों से कांधे पर बोट उठाकर चलते हैं खिलाड़ी

MMDNEWS, अमन वर्मा, महेश्वर। पिछले 5 साल से सहस्रधारा ट्रैक पर कैनो सलालम की स्पर्धाओं व शिविरों का आयोजन हो रहा है लेकिन अब तक यहां आवागमन के लिए रास्ता नहीं बनाया गया है। नगर के अहिल्या घाट से 3 किमी दूर सहस्रधारा तक नाव से जाना पड़ता है। इसके बाद नदी किनारे से प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचने में लगभग आधा किलोमीटर का सफर उबड़-खाबड़ पत्थरों से पैदल तय करना पड़ता है।

सहस्रधारा के 250 मीटर ट्रैक पर बने 1 से 20 गेट

सहस्रधारा के 250 मीटर ट्रैक पर बने 1 से 20 गेट तक बोट से पहुंचने के बाद खिलाड़ियों को भी यहीं परेशानी उठाना पड़ती है। जितना प्रयास खिलाड़ी स्पर्धा के दौरान बोट से आगे निकलने में करते हैं, उससे कहीं ज्यादा परेशानी उन्हें वापस नदी से बोट निकालकर ट्रैक के 1 नंबर गेट तक जाने में करना पड़ती है। पथरीली रास्ते से गुजरने के दौरान बोट भी कांधे पर उठाना पड़ती है। नदी किनारे से प्रतियोगिता स्थल तक 5 फीट चौड़े व 400 मीटर लंबे रास्ते के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।

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2016 में चैंपियनशिप के दौरान तत्कालीन खेल मंत्री यशोधराराजे सिंधिया से भी मार्ग निर्माण की मांग की गई थी लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। तीन दिन से यहां 8वीं नेशनल चैंपियनशिप जारी है। इस दौरान भी खिलाड़ियों व दर्शकों को परेशानी भोगना पड़ रही है। भारतीय कयाकिंग व कैनोइंग संघ सचिव प्रशांत कुशवाहा ने बताया स्थानीय प्रशासन यदि सहस्त्रधारा पर्यटन स्थल के आसपास सड़क की व्यवस्था करता है तो पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। खिलाड़ियों व टीम प्रबंधन के कर्मचारियों को भी आवागमन में सुविधा होगी।

Aman Verma

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